१. स्थान चयन एवं मण्डल तैयारी (Setup & Location)
घर के सबसे शांत व पवित्र स्थान (जैसे पूजा घर या ईशान कोण का स्वच्छ कमरा) का चयन करें। स्थान को जल से धोकर या पोछा लगाकर स्वच्छ करें।
चौकी पर भगवान शिव का चित्र स्थापित करें। दीपक प्रज्वलित करें और ३ बार शंख बजाकर वातावरण को सात्विक तरंगों से भर दें।
२. गृह शिव चर्चा की क्रमबद्ध विधि (Step-by-Step Procedure)
- प्रथम सूत्र (दया प्रार्थना): हाथ जोड़कर ५ मिनट भावपूर्ण गान करें—“हे शिव! आप मेरे गुरु हैं, मैं आपका शिष्य हूँ, मुझ पर दया कर दीजिए।”
- द्वितीय सूत्र (शिव चर्चा): आपस में शिव की दया, साहब श्री के विचार व शिव शिष्यता के अनुभवों पर चर्चा करें।
- तृतीय सूत्र (१०८ नमन): शांत मन से १०८ बार “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
- आरती व समापन: कर्पूरगौरं या जय शिव ओंकारा आरती के बाद जल का प्रोक्षण करें।
३. सात्विक प्रसाद एवं अतिथि सत्कार नियम (Prasad Rules)
शिव चर्चा के अंत में मिलने वाले प्रसाद में भी सादगी होनी चाहिए। फल, बताशा, गुड़, या घर का बना हलवा/खीर ही पर्याप्त है।
किसी प्रकार का महँगा भोजन या दिखावा शिव चर्चा की आत्मा के विपरीत है। जो भी गुरुभाई या बहन आएँ, उन्हें सादर जल व सात्विक प्रसाद अर्पित करें।
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